
अर्नब तूफान का अलार्म बज चुका है. दक्षिण भारत में लैंडफॉल कर चुका चक्रवात अब उत्तर भारत में तबाही मचाने को तैयार है. अगले 48 घंटे कई राज्यों के लिए भारी हो सकते हैं. खासतौर पर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार आदि राज्यों में अर्नब के फाइनल अटैक की संभावना जताई जा रही है. आईएमडी ने बढ़ते आ रहे अर्नब का रूट मैप बताया है जहां 29 और 30 अक्टूबर को भारी पानी बरस सकता है.
वैज्ञानिकों ने अर्नब तूफान के प्रभाव को लेकर चेतावनी दी है. इसका असर उत्तर प्रदेश तक पहुंच सकता है. जिससे अगले दो दिनों में कई शहरों में भीषण बारिश हो सकती है. खासतौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दिल्ली, पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में भी अगले दो दिन मौसम के लिहाज से कठिन रह सकते हैं. बिहार के कई हिस्सों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश का अनुमान लगाया गया है. सकती है. इससे इन उत्तरी पश्चिमी और उत्तरी पूर्वी राज्यों में अचानक तापमान गिरेगा और ठंड बढ़ जाएगी.
भारत मौसम विज्ञान विभाग की मानें तो अर्नब पूरी प्रचंडता से आंध्र प्रदेश के तट पर दस्तक दे चुका है. इस तूफान की चपेट में तटीय इलाके आ रहे हैं, लिहाजा उन इलाकों से लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. आईएमडी की ओर से बताया गया कि 28 अक्टूबर 2026 की सुबह यह पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में आंध्र तट के पास लगभग स्थिर रहा है. इसका केंद्र नरसापुर से 30 किलोमीटर पूर्व, यनम से 45 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम और काकीनाडा से 70 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में रहा है.
अब यूपी और दिल्ली की तरफ बढ़ेगा तूफान
आईएमडी का अनुमान है कि अगले 48 घंटों में यह उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट पार करते हुए एमपी और फिर यूपी-दिल्ली की तरफ बढ़ सकता है. शुरुआत में हवा की गति 115-125 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी, जो झोंकों में 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. लैंडफॉल पूरा होने के बाद अर्नब मैदानी इलाकों में प्रवेश कर कमजोर पड़ना शुरू होगा.
कैसे-कैसे आगे बढ़ेगा?
IMD के रूट मैप के अनुसार यह दक्षिण से उत्तर-पश्चिम और फिर उत्तर दिशा की ओर बढ़ेगा. पहले यह आंध्र प्रदेश के तटीय और आंतरिक जिलों से गुजरेगा, फिर तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ता जाएगा. इसके बाद मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों से गुजरते हुए उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर जाएगा. जहां यह मैदानी भाग में आने के कारण हल्का कमजोर तो हो सकता है लेकिन इसका असर फिर भी कई शहरों पर पड़ेगा और घनघोर बारिश का कारण बन सकता है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह घनघोर चक्रवाती तूफान हल्का होते होते गंभीर चक्रवाती तूफान, चक्रवाती तूफान, डीप डिप्रेशन और अंत में विक्षोभ या लो प्रेशर एरिया में बदल सकता है.
यूपी के किन शहरों में दिखेगा असर
अर्नब तूफान के रूट मैप में लखनऊ-गोरखपुर पर असर पड़ने की संभावना देखी जा सकती है. हालांकि तूफान जितना तेजी से शुरू होगा, यहां तक पहुंचते-पहुंचते वह कमजोर हो जाएगा लेकिन फिर भी वह लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और गोरखपुर जैसे इलाकों में असर डालेगा. इस दौरान हवा का दबाव भी कुछ कम हो सकता है. हालांकि इस मौसम में हवाओं का यह असर ठंड को बढ़ाने वाला होगा. खासकर गोरखपुर, देवरिया, बस्ती, कुशीनगर समेत आसपास के जिलों में असर पड़ने की आशंका है.
