
कार्तिक मास में आने वाले करवा चौथ और अहोई अष्टमी दोनों ही व्रत सुहागिन महिलाओं और माताओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखते हैं. करवा चौथ पर जहां महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं, वहीं अहोई अष्टमी का व्रत संतान की सुख-समृद्धि और लंबी उम्र के लिए रखा जाता है. ये दोनों व्रत महिलाएं बेहद साफ-सफाई और पवित्रता का विशेष ध्यान रखती हैं. इन दोनों व्रतों में पूजन का शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय और तारे दिखाई देने का समय जानना जरूरी होता है. आइए जानते हैं करवा चौथ की पूजा का मुहूर्त और चांद निकलने का समय. साथ ही अहोई अष्टमी व्रत का पूजन मुहूर्त और तारे निकलने का समय…
