
देश भर में बढ़ते डिजिटल अरेस्ट के मामलों पर सीजेआई सूर्यकांत ने बेहद अहम टिप्पणी की है. उन्होंने कहा है कि बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले ऐसे बेरहम अपराधियों को ट्रायल से पहले भी अगर सजा का प्रावधान हो तो दंडित किया जाना चाहिए. उन्होंने डिजिटल अरेस्ट कर खातों से पैसा लूट लेने के इन अपराधों को डिजिटल डकैती बताया.
डिजिटल अरेस्ट मामले में हो रही सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, ‘ऐसे बेरहम अपराधियों को दंडित करने के लिए अगर कानून में ट्रायल से पहले सजा देने की कोई गुंजाइश है, तो उसे भी अपनाया जाना चाहिए. यह प्रथम दृष्टया डिजिटल डकैती का मामला है.’
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वालों पर CJI सूर्यकांत ने सख्ती बरतते हुए कहा कहा कि ट्रायल से पहले सजा देने का कानून में प्रावधान हो तो उसे भी अपनाया जाए. आमतौर पर गंभीर से गंभीर अपराधों में भी ट्रायल से पहले सजा का प्रावधान नहीं है.
